वित्त वर्ष 2026–27 में केंद्र सरकार मेघालय को टैक्स डिवोल्यूशन के रूप में ₹9,637 करोड़ देगी। अधिकारियों ने 2 फरवरी को बताया कि इससे राज्य की पूंजीगत व्यय क्षमता और बुनियादी ढांचा निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया।
अधिकारियों के अनुसार, अधिक टैक्स डिवोल्यूशन से मेघालय को बिना शर्त संसाधन (अनटाइड रिसोर्सेज) मिलेंगे, जिससे राज्य अपनी विकासात्मक प्राथमिकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेगा।
पिछले एक दशक में मेघालय को मिलने वाले केंद्रीय हस्तांतरण में लगातार वृद्धि हुई है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, 2014 से 2024 के बीच केंद्र ने राज्य को टैक्स डिवोल्यूशन के तहत ₹69,335 करोड़ और अनुदान (ग्रांट्स-इन-एड) के रूप में ₹40,452 करोड़ जारी किए, जो वित्तीय सहायता में निरंतर विस्तार को दर्शाता है।
पूंजी निवेश को राज्यों के लिए विशेष सहायता (SASCI) योजना के तहत भी मजबूती मिली है। इस योजना के अंतर्गत राज्यों को 50 वर्षों के लिए ब्याज-मुक्त ऋण दिए जाते हैं, जिनका पूरा ब्याज भार केंद्र सरकार वहन करती है।
SASCI के तहत, 2020–21 से 2025–26 (जनवरी 2026 तक) के बीच मेघालय को ₹6,523 करोड़ प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रमुख पूंजीगत परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी आई है।
राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 30 जून 2025 तक 1,156 किमी से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जा चुका है। इसके अलावा, भारतमाला परियोजना के तहत 170 किमी के राजमार्ग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है, जिन पर अनुमानित ₹2,703 करोड़ का निवेश शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि बजटीय समर्थन से प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का कवरेज भी बढ़ा है। जनवरी 2026 तक मेघालय में 8.98 लाख से अधिक जनधन खाते खोले जा चुके हैं, जबकि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ₹3,300 करोड़ से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं।
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