केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026 में उच्च शिक्षा को मजबूत करने और महिला उद्यमिता के अवसरों का विस्तार करने के लिए कई अहम उपायों की घोषणा की। इनमें देश के हर ज़िले में बालिका छात्रावास के निर्माण और पूरे देश में समुदाय-स्वामित्व वाले ‘शी मार्ट्स’ (She MARTS) स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल है।
संसद में बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि उच्च सार्वजनिक निवेश से नए संस्थानों, विश्वविद्यालय टाउनशिप और विशेष बुनियादी ढांचे को समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा,
“मैं उच्च शिक्षा क्षेत्र में निवेश के तहत नए संस्थान, विश्वविद्यालय टाउनशिप, बालिका छात्रावास और दूरबीन (टेलीस्कोप) अवसंरचना सुविधाएं स्थापित करने के लिए कई कदमों का प्रस्ताव करती हूं।” उन्होंने आगे जोड़ा कि “देश के हर ज़िले में एक बालिका छात्रावास बनाया जाएगा।”
वित्त मंत्री ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रही छात्राओं को होने वाली संरचनात्मक चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया, जहां कक्षाओं और प्रयोगशालाओं में लंबे समय तक काम करना पड़ता है। उन्होंने कहा,
“उच्च शिक्षा में STEM संस्थानों में पढ़ाई और प्रयोगशाला कार्य के लंबे घंटे बालिका छात्रों के लिए कुछ चुनौतियां पैदा करते हैं।” प्रस्तावित छात्रावास सुरक्षित और सुलभ आवास उपलब्ध कराएंगे तथा खगोल भौतिकी और खगोल विज्ञान जैसे उन्नत वैज्ञानिक क्षेत्रों में नामांकन और निरंतरता बढ़ाने में मदद करेंगे।
शिक्षा के साथ-साथ बजट में महिला उद्यमिता पर भी विशेष जोर दिया गया है। सीतारमण ने ‘शी मार्ट्स’ यानी स्वयं सहायता उद्यमी मार्ट्स शुरू करने की घोषणा की, जो समुदाय-स्वामित्व वाले खुदरा केंद्र होंगे। उन्होंने कहा,
“लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाते हुए सरकार महिलाओं को ऋण-आधारित आजीविका से आगे बढ़ाकर उद्यम की मालिक बनने में मदद करेगी।” ये मार्ट्स क्लस्टर-स्तरीय संघों के तहत संचालित होंगे और इन्हें बेहतर व नवाचारी वित्तपोषण का समर्थन मिलेगा।
वित्त मंत्री के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य महिला उद्यमियों को बेहतर बाज़ार पहुंच और ब्रांडिंग सहायता प्रदान करना है, साथ ही स्थायी आय के स्रोत बनाना और स्वयं सहायता समूहों जैसी जमीनी संस्थाओं को मजबूत करना है।
सीतारमण ने दीर्घकालिक आर्थिक विकास और स्थिरता के लिए बजट की छह प्रमुख प्राथमिकताओं को भी रेखांकित किया। इनमें रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में विनिर्माण का विस्तार, पारंपरिक उद्योगों का पुनरुद्धार, मजबूत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों का निर्माण, बुनियादी ढांचे को बड़ा प्रोत्साहन, दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना तथा शहर-आधारित आर्थिक क्षेत्रों का विकास शामिल है।
वैधानिक प्रावधानों के तहत वित्त मंत्री ने वित्तीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम, 2003 की धारा 3(1) के अंतर्गत दो विवरण भी सदन में प्रस्तुत किए मध्यम अवधि राजकोषीय नीति सह राजकोषीय नीति रणनीति विवरण और व्यापक आर्थिक ढांचा विवरण।
इससे पहले, पिछले सप्ताह सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2025–26 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था। संसद का बजट सत्र 65 दिनों में कुल 30 बैठकों के साथ चलेगा और 2 अप्रैल को समाप्त होगा। दोनों सदन 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित होंगे और 9 मार्च को पुनः बैठक करेंगे, ताकि स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की समीक्षा कर सकें।
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