केंद्रीय बजट 2026 पेश होने के बाद भारतीय शेयर बाजार में इंट्राडे कारोबार के दौरान तेज गिरावट देखने को मिली। बजट भाषण समाप्त होते ही बाजार पर इसका असर साफ दिखाई दिया और निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया। सेंसेक्स 2,300 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 गिरकर 24,571.75 के स्तर तक आ गया।
बाजार में इस अचानक गिरावट की मुख्य वजह फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने की घोषणा रही। बजट में फ्यूचर्स पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% करने और ऑप्शंस पर STT को 0.01% से बढ़ाकर 0.15% करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस फैसले से ट्रेडिंग लागत बढ़ने की आशंका के चलते निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली शुरू कर दी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि STT में बढ़ोतरी से डेरिवेटिव ट्रेडिंग की रफ्तार धीमी पड़ सकती है और ट्रेडिंग वॉल्यूम पर असर पड़ सकता है। इससे ट्रेडर्स, हेजर्स और आर्बिट्राज करने वालों की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा प्रभाव बाजार की गतिविधियों पर दिख सकता है।
शेयर बाजार के साथ-साथ कमोडिटी बाजार में भी दबाव देखने को मिला। बजट से पहले और बाद के सत्रों में सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। फ्यूचर्स कारोबार में दोनों कीमती धातुओं में भारी टूट देखी गई।
सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही, जबकि चांदी की कीमतों में भी तेज कमजोरी आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी पर दबाव देखने को मिला, जिसका असर घरेलू बाजारों पर पड़ा।
कुल मिलाकर, बजट 2026 के कुछ अहम कर संबंधी प्रस्तावों ने अल्पकाल में बाजार में तेज अस्थिरता पैदा कर दी है, जिससे शेयर बाजार के साथ-साथ सोना-चांदी की कीमतों पर भी नकारात्मक असर पड़ा।
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