बजट 2026! बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर दांव, AI डेटा सेंटर, रक्षा को मजबूती, कैंसर की दवाएं सस्ती

बजट 2026! बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर दांव, AI डेटा सेंटर, रक्षा को मजबूती, कैंसर की दवाएं सस्ती

इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग इस बार के बजट के केंद्र में रहे, हालांकि बाज़ार की शुरुआती प्रतिक्रिया ने इसमें एक दिलचस्प मोड़ जोड़ दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट 2026 में क्या खास रहा, इस पर एक साफ़ नज़र डालते हैं।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस

इंफ्रास्ट्रक्चर सरकार की आर्थिक रणनीति का मुख्य आधार बना हुआ है। डानकुनी से सूरत के बीच एक नया समर्पित फ्रेट कॉरिडोर प्रमुख घोषणाओं में शामिल है। इसके अलावा, 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग जोड़े जाएंगे और तटीय कार्गो प्रोत्साहन योजना के जरिए लंबे समय में माल परिवहन को अंतर्देशीय और तटीय मार्गों की ओर मोड़ने का लक्ष्य है।

टियर-2 और टियर-3 शहरों को हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी, मजबूत लॉजिस्टिक्स और गहरे शहरी निवेश के साथ “सिटी इकोनॉमिक रीजन” के रूप में विकसित करने की योजना है।

  • मैन्युफैक्चरिंग को नई रफ्तार

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिला है। सरकार ने ISM 2.0 के तहत सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, बायोफार्मा, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट, स्पोर्ट्स गुड्स और रेयर अर्थ मैग्नेट्स के लिए समर्थन की घोषणा की है।

200 औद्योगिक क्लस्टरों के पुनर्जीवन की योजना है, जबकि केमिकल पार्क और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स से क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। कस्टम ड्यूटी में बदलाव के जरिए विमान कलपुर्जों, माइक्रोवेव कंपोनेंट्स, सीफूड प्रोसेसिंग इनपुट्स और एयरोस्पेस सामग्री की लागत घटाने का लक्ष्य रखा गया है।

करंजावाला एंड कंपनी की पार्टनर मनमीत कौर के अनुसार, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग पर जोर आयात निर्भरता घटाने और रोजगार सृजन की दिशा में एक रणनीतिक कदम है, हालांकि असली परीक्षा यह होगी कि इससे व्यापक आय वृद्धि होती है या नहीं।

  • MSME और SME के लिए राहत

₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड MSME सेक्टर को इक्विटी तक बेहतर पहुंच देगा। CPSE खरीद में अनिवार्य TReDS उपयोग और इनवॉइस डिस्काउंटिंग पर क्रेडिट गारंटी जैसे कदम वर्किंग कैपिटल का दबाव कम करने के लिए लाए गए हैं।

“कॉरपोरेट मित्र” पहल छोटे कारोबारों को सस्ते और सरल तरीके से अनुपालन (कम्प्लायंस) में मदद करेगी।

  • रक्षा बजट में तेज़ बढ़ोतरी

रक्षा खर्च में निरंतर बढ़ोतरी जारी है। कुल रक्षा बजट बढ़कर लगभग ₹7.85 लाख करोड़ हो गया है, जो पिछले वर्ष के ₹6.81 लाख करोड़ से करीब 15% अधिक है। यह चीन और पाकिस्तान के साथ सुरक्षा चुनौतियों के बीच सैन्य तैयारी और आधुनिकीकरण पर जोर को दर्शाता है।

रक्षा पूंजीगत व्यय भी बढ़कर लगभग ₹2.31 लाख करोड़ हो गया है, जो पिछले वर्ष ₹1.80 लाख करोड़ था। इससे उन्नत हथियार प्रणालियों और घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमता पर फोकस साफ़ झलकता है।

  • टैक्स में राहत और सरलता

इस बजट में टैक्स सुधार केवल तकनीकी बदलावों तक सीमित नहीं हैं। विदेश यात्रा पैकेज और शिक्षा व चिकित्सा खर्च के लिए विदेश भेजी जाने वाली राशि पर TCS को 5% से घटाकर 2% किया गया है।

मोटर दुर्घटना न्यायाधिकरण द्वारा प्राकृतिक व्यक्तियों को दिए गए ब्याज को आयकर से मुक्त करने का भी प्रस्ताव है, जिससे पीड़ितों को पूरा मुआवज़ा मिल सके।

वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जो कर कानून को अधिक सरल, आधुनिक और स्पष्ट बनाएगा। रिटर्न संशोधन की समयसीमा बढ़ाने, TDS नियमों में ढील और फाइलिंग प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे कदम भी शामिल हैं।

  • कैंसर की दवाएं होंगी सस्ती

महंगे इलाज से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी राहत के तौर पर 17 आवश्यक कैंसर दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है। इससे उन्नत कैंसर उपचार अधिक किफायती होगा और जेब से होने वाला खर्च कम होगा।

केयर हेल्थ इंश्योरेंस के COO मनीष डोडेजा के अनुसार, यह कदम मरीज-केंद्रित नीति की दिशा में अहम बदलाव है।

  • बाज़ार की प्रतिक्रिया

बजट के तुरंत बाद बाज़ार में तेज़ गिरावट देखी गई, जिसका मुख्य कारण F&O ट्रेड्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी रहा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट संरचनात्मक नहीं बल्कि तकनीकी और अल्पकालिक प्रतिक्रिया थी।

विश्लेषकों के अनुसार, बजट भारत के कैपेक्स चक्र, मैन्युफैक्चरिंग, AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करता है और दीर्घकाल में स्थिरता की ओर संकेत करता है।

  • AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर

AI और डिजिटल क्षमताओं के विस्तार के लिए डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और कंप्यूट क्षमता पर खास जोर दिया गया है। भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने वाली विदेशी कंपनियों को दीर्घकालिक टैक्स छूट और सुरक्षित नियामक ढांचा मिलेगा।

सरकार का लक्ष्य भारत को AI डेप्लॉयमेंट और इंजीनियरिंग हब के रूप में स्थापित करना है।

  • समग्र तस्वीर

राजकोषीय घाटा 2026 में GDP के 4.3% पर बनाए रखने का लक्ष्य है। पूंजीगत व्यय ₹12.2 लाख करोड़ तक पहुंचाया गया है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, कैपिटल गुड्स, सीमेंट और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों को फायदा होगा।

संक्षेप में, बजट 2026 इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, AI, सेवाओं और टैक्स सरलीकरण पर मजबूत स्कोर करता है। यह तात्कालिक खपत प्रोत्साहन से ज्यादा दीर्घकालिक संरचनात्मक विकास पर केंद्रित बजट है, जिसे सरकार की “कर्तव्य” दर्शन विकास, प्रतिस्पर्धा और समावेशन के अनुरूप तैयार किया गया है।

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