असम भाजपा ने 25 जनवरी को कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर “तुष्टिकरण की राजनीति” करने का आरोप लगाया। पार्टी का दावा है कि गोगोई मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से दूरी बनाकर एक खास समुदाय को साधने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ प्रवक्ता ब्रोजेन महंत ने कहा कि बार-बार चुनावी हार के बाद असम में विपक्ष ने अपनी राजनीतिक दिशा और विश्वसनीयता खो दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भाजपा और मुख्यमंत्री के खिलाफ गलत जानकारी फैलाने और व्यक्तिगत हमले करने का सहारा ले रही है।
महंत ने गोगोई पर मुख्यमंत्री की भूमिका और उपलब्धियों को चुनिंदा तौर पर नकारने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह ‘मिया’ समुदाय को खुश करने की रणनीति है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस नेता ऐसे संगठनों और व्यक्तियों से जुड़े रहे हैं, जो भाजपा के अनुसार राज्य के स्वदेशी हितों के विरोधी रहे हैं।
भाजपा सरकार के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए महंत ने कहा कि मुख्यमंत्री सरमा ने स्वदेशी अधिकारों की सुरक्षा और असम के विकास के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें कथित अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ बेदखली अभियान, बोरदोवा थान में बुनियादी ढांचा परियोजनाएं, योग्यता के आधार पर बड़े पैमाने पर सरकारी भर्ती और असम आंदोलन के शहीदों के लिए स्मारक का निर्माण शामिल है।
उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री सरमा के नेतृत्व को मान्यता न देना कांग्रेस नेता की चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जो आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर अपनाई गई है।
अब तक कांग्रेस या गौरव गोगोई की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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