नई दिल्ली स्थित तीन मूर्ति भवन के प्रधानमंत्री संग्रहालय में 22 जनवरी को भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत के स्केल मॉडल की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। यह प्रदर्शनी देश की रक्षा क्षमताओं और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में INS विक्रांत के रणनीतिक महत्व को उजागर करती है।
इस प्रदर्शनी का उद्घाटन पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (PMML) के निदेशक श्री अश्वनी लोहानी की उपस्थिति में किया।

INS विक्रांत भारत के रक्षा इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो आत्मनिर्भर भारत के विज़न के तहत देश की स्वदेशी क्षमता की दिशा में हुई प्रगति का प्रतीक है। लगभग 76 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री से निर्मित यह विमानवाहक पोत जटिल रक्षा प्लेटफॉर्म विकसित करने में भारत की बढ़ती तकनीकी और औद्योगिक क्षमता को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री संग्रहालय में रणनीतिक रूप से स्थापित यह स्केल मॉडल आगंतुकों को INS विक्रांत के ऐतिहासिक, रणनीतिक और प्रतीकात्मक महत्व से अवगत कराता है, जो भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा और रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ करने में इसकी भूमिका को रेखांकित करता है। यह मॉडल इससे पहले एडमिरल आर. हरि कुमार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया था।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए एडमिरल हरि कुमार ने कहा कि INS विक्रांत के साथ भारत उन नौ चुनिंदा देशों के विशिष्ट समूह में शामिल हो गया है, जो विमानवाहक पोत बनाने में सक्षम हैं। उन्होंने स्वदेशी रक्षा निर्माण और मेक इन इंडिया हथियार प्रणालियों को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।

PMML के निदेशक अश्वनी लोहानी ने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियां आगंतुकों में राष्ट्रीय गौरव की भावना जगाने के साथ-साथ उन्हें भारत की रक्षा उपलब्धियों के बारे में जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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