18वें भारत–जापान रणनीतिक संवाद के दौरान भारत और जापान ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) खासकर रेयर अर्थ एलिमेंट्स के क्षेत्र में बड़े सहयोग की घोषणा की है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और जापान के उनके समकक्ष तोशिमित्सु मोतेगी ने एक नया AI डायलॉग शुरू किया और रेयर अर्थ सहित महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग बढ़ाने के लिए संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) गठित करने पर सहमति जताई।
विदेश मंत्रालय (MEA) की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रणनीतिक संवाद के दौरान दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की, जिनमें महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सप्लाई चेन की मजबूती, निवेश, व्यापार, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, रक्षा, लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक संबंध शामिल हैं।
MEA ने कहा, “दोनों पक्षों ने अगस्त 2025 में हुए 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन और जोहान्सबर्ग में प्रधानमंत्रियों के बीच हालिया बातचीत के परिणामों के अनुरूप भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।”
दोनों प्रधानमंत्रियों द्वारा घोषित जापान-इंडिया AI इनिशिएटिव (JAI) को आगे बढ़ाते हुए मंत्रियों ने AI डायलॉग की शुरुआत की, ताकि इस क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को एक ठोस और संगठित गति मिल सके। इसके साथ ही, आर्थिक सुरक्षा पहल (Economic Security Initiative) के तहत क्रिटिकल मिनरल्स पर संयुक्त कार्य समूह बुलाने पर सहमति बनी, जिसका उद्देश्य रेयर अर्थ एलिमेंट्स और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग को आगे बढ़ाना है।
18वें रणनीतिक संवाद में अपने संबोधन में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत जापान के साथ साझेदारी को अत्यंत उच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में यह रिश्ता एक मुख्यतः आर्थिक संबंध से आगे बढ़कर व्यापक, समग्र और रणनीतिक साझेदारी में बदल चुका है।
जयशंकर ने कहा, “भारत जापान के साथ अपनी मित्रता को बहुत महत्व देता है। पिछले दो दशकों में हम इस रिश्ते को एक ऐसे संबंध में बदलने में सफल रहे हैं, जो केवल आर्थिक नहीं, बल्कि व्यापक, समग्र और रणनीतिक दृष्टि से केंद्रित है।”
विशेषज्ञों के अनुसार, AI और रेयर अर्थ मिनरल्स में यह सहयोग वैश्विक सप्लाई चेन में चीन के प्रभुत्व को चुनौती देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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