असम के धेमाजी ज़िले के बोर्डोलोनी की 15 वर्षीय तैराक गरियाशी चुटिया ने खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज कर लिया है। गरियाशी ने महाराष्ट्र में करणजा जेट्टी से गेटवे ऑफ इंडिया तक की चुनौतीपूर्ण ओपन-वॉटर तैराकी सफलतापूर्वक पूरी कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसके साथ ही वह इस समुद्री मार्ग को पूरा करने वाली पहली असमिया लड़की और पहली महिला तैराक बन गई हैं।
मजबूत समुद्री धाराओं और कठिन परिस्थितियों के लिए प्रसिद्ध इस तैराकी मार्ग को पूरा करने के लिए असाधारण सहनशक्ति, एकाग्रता और कड़ी तैयारी की आवश्यकता होती है। इतनी कम उम्र में गरियाशी की इस सफलता की हर ओर सराहना हो रही है, खासकर इसलिए कि यह राष्ट्रीय स्तर पर पूर्वोत्तर भारत की महिला खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।
इस उपलब्धि पर पूरे असम से उन्हें बधाइयाँ मिल रही हैं। असम के शिक्षा मंत्री रणोज पेगू ने गरियाशी को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी सफलता युवाओं, विशेषकर लड़कियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
“बोर्डोलोनी, धेमाजी की मिस गरियाशी चुटिया को करणजा जेट्टी से गेटवे ऑफ इंडिया, महाराष्ट्र तक तैराकी पूरी करने वाली पहली असमिया लड़की और पहली महिला तैराक बनने पर हार्दिक बधाई। मात्र 15 वर्ष की उम्र में उनकी यह उपलब्धि असम के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ,” पेगू ने X पर लिखा।
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