भारत उत्तर गुजरात स्थित देवनीमोरी से प्राप्त भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों (बुद्ध रिलिक्स) को विशेष प्रदर्शनी के लिए श्रीलंका भेजेगा। यह कदम भारत-श्रीलंका के बीच गहरे सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और बौद्ध विरासत संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
देवनीमोरी (अरावली ज़िला, गुजरात) में 1960 के दशक में हुए पुरातात्विक उत्खनन के दौरान ये अवशेष प्राप्त हुए थे, जिन्हें तीसरी-चौथी शताब्दी ईस्वी का माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ये अवशेष बौद्ध इतिहास और कला के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुर्लभ माना जाता है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, श्रीलंका में प्रस्तावित विशेष प्रदर्शनी के दौरान इन अवशेषों को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा जाएगा। इससे बौद्ध अनुयायियों को आध्यात्मिक लाभ मिलने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारत पहले भी मंगोलिया, थाईलैंड और श्रीलंका जैसे बौद्ध बहुल देशों को बुद्ध अवशेष भेज चुका है। यह पहल बुद्ध की शांति, करुणा और अहिंसा की शिक्षाओं को वैश्विक स्तर पर साझा करने के भारत के प्रयासों का हिस्सा है।
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