विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाज़ा के लिए प्रस्तावित “बोर्ड ऑफ पीस” पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठंडा रिस्पॉन्स मिलता दिख रहा है। इस पहल के ऐलान के वक्त भारत पूरी तरह अनुपस्थित रहा।
सूत्रों के मुताबिक, भारत को इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन कोई भी भारतीय अधिकारी इसमें शामिल नहीं हुआ। इसके साथ ही, नई दिल्ली ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह इस प्रस्तावित बोर्ड में शामिल होगा या नहीं।
ट्रंप के लिए यह झटका इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के किसी भी स्थायी सदस्य देश और G7 समूह के किसी भी देश ने इस पहल से जुड़ने की घोषणा नहीं की है।
राजनयिक हलकों में इसे ट्रंप की गाज़ा नीति को लेकर वैश्विक समर्थन की कमी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक प्रमुख वैश्विक शक्तियां इस तरह की किसी पहल का समर्थन नहीं करतीं, तब तक इसका प्रभाव सीमित ही रहेगा।
फिलहाल, गाज़ा संकट पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें बनी हुई हैं और यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में कोई बड़ा देश इस प्रस्ताव पर खुलकर समर्थन जताता है या नहीं।
- Log in to post comments