ट्रंप के बयान पर ईरान की अमेरिका को खुली धमकी

ट्रंप के बयान पर ईरान की अमेरिका को खुली धमकी

ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसके सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ कोई भी कार्रवाई की गई, तो उसका कड़ा और विनाशकारी जवाब दिया जाएगा। यह चेतावनी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों के बाद आई है, जिनमें उन्होंने खामेनेई के लगभग 40 साल लंबे शासन को खत्म करने की बात कही थी।

ईरानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता जनरल अबोलफजल शेखरची ने मंगलवार को कहा कि ट्रंप इसके अंजाम से भली-भांति वाकिफ हैं। उन्होंने तीखी चेतावनी देते हुए कहा, “ट्रंप जानते हैं कि अगर हमारे नेता की ओर एक हाथ भी बढ़ाया गया, तो हम न सिर्फ उस हाथ को काट देंगे, बल्कि उसकी पूरी दुनिया को आग में झोंक देंगे।”

यह बयान तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब तक की सबसे कड़ी धमकियों में से एक माना जा रहा है।

इससे पहले ट्रंप ने आयतुल्लाह खामेनेई को “एक बीमार व्यक्ति” बताते हुए उन पर लोगों की हत्या रोकने और देश को सही तरीके से चलाने का दबाव बनाया था। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि अब ईरान को नए नेतृत्व की ओर देखना चाहिए।

ट्रंप के बयान के बाद बढ़ा तनाव, ट्रंप ने ये विवादित टिप्पणियां शनिवार को पॉलिटिको को दिए एक इंटरव्यू में की थीं, जिसमें उन्होंने खामेनेई के नेतृत्व और शासन पर खुलकर सवाल उठाए। इसके बाद ईरान के सैन्य नेतृत्व ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी कि सर्वोच्च नेता के खिलाफ किसी भी कदम का गंभीर परिणाम होगा।

28 दिसंबर से ईरान में आर्थिक हालात बिगड़ने के कारण देशव्यापी विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। इन प्रदर्शनों पर ईरानी अधिकारियों की सख्त कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना तेज हुई और अमेरिका-ईरान संबंध और अधिक बिगड़ गए।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने भी हाल ही में चेतावनी जारी करते हुए देश की परेशानियों के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “अगर ईरानी जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, तो इसकी वजह अमेरिका सरकार और उसके सहयोगियों की दुश्मनी और अमानवीय प्रतिबंध हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता पर किसी भी हमले को ईरान के खिलाफ पूर्ण युद्ध माना जाएगा।

इस बीच, मानवाधिकार संगठनों ने हालात को लेकर गंभीर आंकड़े जारी किए हैं। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, देशभर में जारी दमनात्मक कार्रवाई में अब तक 4,029 लोगों की मौत हो चुकी है और 26,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

एजेंसी के मुताबिक, मृतकों में 3,786 प्रदर्शनकारी और 180 सुरक्षा कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा, 28 बच्चे और 35 ऐसे लोग भी मारे गए हैं, जो प्रदर्शनों में शामिल नहीं थे।

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