माघ बिहू के दौरान कामरूप ज़िले में ‘Bulbuli Fights’ पर प्रतिबंध, हाईकोर्ट के आदेश का हवाला

माघ बिहू के दौरान कामरूप ज़िले में ‘Bulbuli Fights’ पर प्रतिबंध, हाईकोर्ट के आदेश का हवाला

कामरूप ज़िला प्रशासन ने माघ बिहू के दौरान बुलबुली (Bulbuli) पक्षियों की लड़ाइयों के आयोजन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन ने इसे वन्यजीव संरक्षण कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन बताते हुए गुवाहाटी हाईकोर्ट के हालिया आदेश का हवाला दिया है।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा में कामरूप के ज़िलाधिकारी देबा कुमार मिश्रा ने कहा कि गुवाहाटी हाईकोर्ट ने 17 दिसंबर 2024 को WP(C) 466/2024 में अपने अंतिम फैसले में असम सरकार की 27 दिसंबर 2023 की उस अधिसूचना को अवैध घोषित कर दिया था, जिसमें भैंस और बुलबुली लड़ाइयों की अनुमति दी गई थी। अदालत ने इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और अन्य पशु संरक्षण कानूनों के विपरीत बताया था।

आदेश में कहा गया है कि खुफिया सूचनाओं से संकेत मिला है कि आगामी माघ बिहू उत्सव के दौरान कामरूप ज़िले के कुछ हिस्सों में इस कानून के उल्लंघन की आशंका है। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया कि बुलबुली पक्षी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-IV के तहत संरक्षित प्रजाति है और इससे जुड़ी लड़ाइयों का आयोजन क्रूरता की श्रेणी में आता है तथा संरक्षित प्रजाति को नुकसान पहुँचाता है।

विशेष रूप से हाजो क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही बुलबुली लड़ाइयों की परंपरा का उल्लेख करते हुए ज़िलाधिकारी ने कहा कि ऐसे आयोजनों को जारी रखना न केवल वैधानिक प्रावधानों बल्कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों का भी सीधा उल्लंघन होगा। आदेश में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने ऐसी प्रथाओं की वैधता के खिलाफ स्पष्ट फैसला दिया है।

BNSS की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए ज़िला प्रशासन ने कामरूप ज़िले की सीमा के भीतर, हाजो सहित, माघ बिहू के दौरान किसी भी प्रकार की बुलबुली लड़ाई के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परिस्थितियों को देखते हुए यह आदेश एकतरफा (ex parte) जारी किया गया है, क्योंकि पूर्व सूचना देना संभव नहीं था। यदि कोई व्यक्ति या संगठन इस आदेश से आहत है, तो वह ज़िलाधिकारी से संपर्क कर इसमें संशोधन या निरस्तीकरण की मांग कर सकता है।

कामरूप के पुलिस अधीक्षक को आदेश के सख्त पालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और अन्य लागू प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह आदेश 13 जनवरी 2026 को जारी किया गया और अमिनगांव स्थित कामरूप के ज़िलाधिकारी द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित है।

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