अरुणाचल में पैंगसाउ पास महोत्सव को NSCN-K का समर्थन, सीमा बाधाओं को लेकर NSCN-YA की आलोचना

अरुणाचल में पैंगसाउ पास महोत्सव को NSCN-K का समर्थन, सीमा बाधाओं को लेकर NSCN-YA की आलोचना

नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड–खापलांग (NSCN-K) ने अरुणाचल प्रदेश के नामपोंग में 20 से 22 जनवरी के बीच आयोजित होने वाले पैंगसाउ पास इंटरनेशनल फेस्टिवल (PPIF) की आयोजन समिति को अपना “पूर्ण और बिना शर्त समर्थन” देने की घोषणा की है।

 पैंगसाउ पास महोत्सव

14 जनवरी को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ नागालैंड की सरकार के सूचना एवं प्रचार मंत्रालय की ओर से जारी बयान में NSCN-K ने कहा कि यह महोत्सव तांगसा समुदाय, अन्य नगा जनजातियों और क्षेत्र में रहने वाले विविध जातीय समुदायों के बीच एकता, साझा इतिहास और सांस्कृतिक दृढ़ता का प्रतीक है। संगठन के अनुसार, यह उत्सव उन समुदायों को एक साथ लाता है जो सदियों से साथ रहते आए हैं और पारंपरिक गीतों, नृत्यों तथा अन्य सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के माध्यम से साझा विरासत का उत्सव मनाता है, जो राजनीतिक सीमाओं से परे है।

 पैंगसाउ पास महोत्सव

बयान में यह भी कहा गया कि इस महोत्सव में भारत-म्यांमार सीमा के दोनों ओर रहने वाले तांगसा और नगा समुदायों की सांस्कृतिक टोलियों की भागीदारी होती है, जो नगा लोगों के गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की पुष्टि करता है। साथ ही, आयोजन स्थल के महत्व को रेखांकित करते हुए बयान में ऐतिहासिक प्रवासन मार्गों, द्वितीय विश्व युद्ध काल की स्टिलवेल या लेडो रोड, ‘हेल गेट’ और पैंगसाउ पास का उल्लेख किया गया।

 पैंगसाउ पास महोत्सव

इसी बीच, NSCN-K ने युंग आंग–जोसेफ के नेतृत्व वाले NSCN-YA गुट की कड़ी आलोचना करते हुए उस पर त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों में बार-बार बाधा डालने तथा भारत-म्यांमार सीमा के दोनों ओर शांति, स्थिरता और विकास में रोड़ा बनने का आरोप लगाया। संगठन ने दावा किया कि यह गुट स्थानीय लोगों में भय फैलाकर ऐसे आयोजनों में भागीदारी रोकने की कोशिश करता रहा है।

 पैंगसाउ पास महोत्सव

हालिया घटना का हवाला देते हुए NSCN-K ने आरोप लगाया कि 9 जनवरी 2026 को पैंगसाउ क्षेत्र के खम्मातांग गांव में नगा आर्मी पर हुआ हमला गैर-नगा भाड़े के लड़ाकों की मदद से किया गया था। इसके अलावा, संगठन ने यह भी दावा किया कि NSCN-YA के तांगशांग क्षेत्र प्राधिकरण ने PPIF आयोजकों से 2 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे उसने जबरन वसूली करार दिया।

पैंगसाउ पास महोत्सव

NSCN-K ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों के कारण सीमा क्षेत्र में बसे नगा इलाकों का दीर्घकालिक अविकास हुआ है। अपने रुख को दोहराते हुए संगठन ने कहा कि वह भारत की ओर स्थित सीमा क्षेत्रों और म्यांमार में बसे नगा इलाकों में शांति, विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने के उपाय तलाशने के लिए प्रतिबद्ध है।

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