असम के मंत्री Pijush Hazarika ने मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की हिंदी उच्चारण का मजाक उड़ाने वाली टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे पूर्वोत्तर की भाषाई पहचान का अपमान बताया है।
विवाद तब शुरू हुआ जब Mohammed Zubair, जो Alt News के सह-संस्थापक हैं, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्यमंत्री की हिंदी उच्चारण को लेकर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उनका मजाक उड़ाया गया। इस वीडियो क्लिप पर असम में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
आलोचनाओं का जवाब देते हुए हाजरिका ने कहा कि असम के लोगों की मातृभाषा हिंदी नहीं है। यहां के लोग असमिया, बोडो, कार्बी, मिषिंग, दीमासा, बांग्ला समेत कई भाषाएं बोलते हुए बड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के लोग राष्ट्रीय एकता और समावेशन को मजबूत करने के लिए गर्व के साथ हिंदी बोलते हैं, न कि इसलिए कि यह उन पर थोपी गई है।
उन्होंने कहा, “दशकों से पूर्वोत्तर के लोग देश के बाकी हिस्सों से जुड़ने के लिए हिंदी सीखने और बोलने का प्रयास करते आए हैं। हमारा उच्चारण हमारी भौगोलिक पहचान और जड़ों को दर्शाता है। यह कमजोरी नहीं, बल्कि विविधता में एकता की पहचान है।”
मंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि क्या एक निर्वाचित मुख्यमंत्री के उच्चारण का मजाक उड़ाना पूरे क्षेत्र की पहचान का उपहास करना नहीं है। उन्होंने इन टिप्पणियों को “एलीटिस्ट” करार देते हुए कहा कि जो लोग नीतियों या शासन पर बहस नहीं कर पाते, वे व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा लेते हैं।
“जब आप मुद्दों पर बहस नहीं कर सकते, तो आप उच्चारण पर हमला करते हैं,” हाजरिका ने कहा और जोड़ा कि भारत जैसे बहुलतावादी देश में भाषाई विविधता का सम्मान किया जाना चाहिए।
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