जेफ्री एपस्टीन का डरावना सपना! ‘बेबी रांच’ की अफ़वाहें, से/क्स स्कैंडल और सत्ता के साये में छिपे राज़

जेफ्री एपस्टीन का डरावना सपना! ‘बेबी रांच’ की अफ़वाहें, से/क्स स्कैंडल और सत्ता के साये में छिपे राज़

सोचिए, अतुल संपत्ति, निजी जेट, दूर-दराज़ द्वीप और दुनिया के सबसे ताकतवर लोगों की महफ़िलें। बाहर से चमक-दमक, भीतर एक ऐसी कहानी जिसने राजनीति, बिज़नेस और समाज तीनों को झकझोर दिया।

एक बार फिर जेफ्री एपस्टीन का नाम चर्चा में है, क्योंकि अमेरिका में उससे जुड़े भारी-भरकम दस्तावेज़ सार्वजनिक हुए हैं। इन्हीं खुलासों के साथ एक शब्द फिर उभरा है, “बेबी रांच”। सुनने में अजीब, कहानी उससे भी ज़्यादा परेशान करने वाली।

एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर था अमीरों का पैसा संभालने वाला, और धीरे-धीरे सत्ता के सबसे ऊँचे गलियारों तक पहुँच बनाने वाला। लेकिन उसकी पहचान धन से नहीं, बल्कि नाबालिगों के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोपों से बनी।

• 2005: फ्लोरिडा में एक नाबालिग लड़की की शिकायत से जांच शुरू हुई।

• 2006-2008: कई पीड़ित सामने आए; सज़ा मिली, पर कम यहीं से संरक्षण के आरोप उठे।

• 2017: MeToo के बाद पुराने मामले फिर सुर्खियों में आए।

• 2019: दोबारा गिरफ्तारी; ट्रायल से पहले जेल में मौत आधिकारिक तौर पर आत्महत्या, लेकिन सवाल आज भी।

• हालिया खुलासे: लाखों पन्नों के दस्तावेज़ सामने आने से बहस फिर तेज़।

यह कोई सरकारी परियोजना नहीं, बल्कि मीडिया में प्रचलित नाम है। न्यू मैक्सिको में एपस्टीन की विशाल संपत्ति ज़ोरो रांच को लेकर दावा किया गया कि उसने कुछ लोगों से एक विचित्र विचार साझा किया।

वह अपने डीएनए से कई बच्चे पैदा कराना चाहता था, कई महिलाओं के एक साथ गर्भवती होने की बात करता था, और “बेहतर जीन” जैसी सोच का ज़िक्र करता था। इसी वजह से इस विचार को “बेबी रांच” कहा जाने लगा।

ऐसा कोई निर्णायक प्रमाण नहीं मिला कि इस योजना को व्यवस्थित रूप से अमल में लाया गया हो या बच्चों का कोई समूह पैदा किया गया हो। इसलिए इसे एक कथित विचार माना जाता है, न कि सिद्ध कार्यक्रम।

हाँ, एपस्टीन पर पहले से लगे अपराधों के कारण लोग इसे हल्के में भी नहीं लेते।

दस्तावेज़ों और रिपोर्ट्स में कई प्रभावशाली लोगों के नाम संदर्भ के रूप में आए हैं। सिर्फ नाम आने से अपराध साबित नहीं होता कई लोगों ने सामाजिक जान-पहचान की बात कही, कुछ ने दूरी बना ली। फिर भी सवाल उठते हैं:

स्थानीय लोगों ने सालों तक उस इलाके में असामान्य गतिविधियों की चर्चा की। जांच एजेंसियों के लिए भी यह संपत्ति अहम रही। “बेबी रांच” साबित न सही, लेकिन यह जगह एपस्टीन की कहानी का केंद्र बन चुकी है।

एपस्टीन की मौत के बाद भी कई सवाल अधूरे हैं:

  • क्या वह अकेला था?
  • क्या और लोग शामिल थे?
  • क्या कुछ राज़ हमेशा दबे रहेंगे?

फाइलें खुली हैं, बहस जारी है, और पीड़ित आज भी न्याय की राह देख रहे हैं। सत्ता, पैसा और अपराध जब एक ही कहानी में मिलते हैं, तो दुनिया का ध्यान खिंचना तय है।

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