स्पेशल रिवीजन पर आसू का विरोध, स्वदेशी मुस्लिमों को परेशान न करने की मांग

स्पेशल रिवीजन पर आसू का विरोध, स्वदेशी मुस्लिमों को परेशान न करने की मांग

ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) ने राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (स्पेशल रिवीजन) को लेकर त्रुटिरहित और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन ने चिंता जताई है कि इस प्रक्रिया के दौरान स्वदेशी मुस्लिम मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिससे उनके बीच भय और असंतोष का माहौल बन रहा है।
आसू ने इस संबंध में असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संगठन ने कहा कि वह अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची से हटाने के पक्ष में है, लेकिन इसके साथ-साथ यह भी ज़रूरी है कि कोई भी वास्तविक भारतीय नागरिक, विशेष रूप से स्वदेशी मुस्लिम समुदाय के लोग, गलत तरीके से परेशान या मताधिकार से वंचित न हों।
आसू के अध्यक्ष और महासचिव ने कहा कि राज्य के कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची की खामियों के कारण चुनाव परिणाम प्रभावित होने की आशंका रही है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सूची का शुद्धिकरण आवश्यक है, लेकिन यह प्रक्रिया संवेदनशील और पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए।
संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ जिलों में मतदाता सूची के सत्यापन के नाम पर स्वदेशी मुस्लिम परिवारों को भी नोटिस भेजे गए हैं, जिससे उनमें यह डर पैदा हो गया है कि कहीं उनके नाम सूची से हटा न दिए जाएं। आसू ने चुनाव आयोग से ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने और प्रशासन को स्पष्ट दिशा-निर्देश देने की मांग की।
गौरतलब है कि असम में चल रहा यह विशेष पुनरीक्षण आगामी 2026 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इस दौरान दावे-आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। हालांकि, नागरिक संगठनों और विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि फॉर्म-7 के दुरुपयोग के जरिए कुछ समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है।
इस बीच, मतदाता सूची संशोधन को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। जानकारों का कहना है कि असम में मतदाता सूची से जुड़ा विवाद राज्य के लंबे समय से चले आ रहे नागरिकता और अवैध प्रव्रजन के मुद्दों से गहराई से जुड़ा हुआ है।
आसू ने दोहराया कि उसकी मांग स्पष्ट है—अवैध मतदाताओं के नाम हटें, लेकिन किसी भी स्वदेशी या वास्तविक नागरिक के साथ अन्याय न हो। संगठन ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष और भरोसेमंद मतदाता सूची सुनिश्चित करने की अपील की है।

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