विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की के साथ बैठक में दो स्पष्ट और कड़े संदेश दिए। उन्होंने एक ओर भारत के पड़ोस में आतंकवाद को लेकर पोलैंड से “शून्य सहनशीलता” की अपेक्षा जताई, वहीं दूसरी ओर यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में भारत को यूरोपीय देशों द्वारा किए जा रहे “चयनात्मक निशाने” को अनुचित और अन्यायपूर्ण बताया।
जयशंकर की यह टिप्पणी उस पृष्ठभूमि में आई है, जब पिछले वर्ष पाकिस्तान–पोलैंड संयुक्त बयान में कश्मीर और आतंकवाद का उल्लेख किया गया था, जिसे नई दिल्ली ने नकारात्मक रूप से लिया था। बैठक की शुरुआत में दिए गए अपने टीवी प्रसारित वक्तव्य में जयशंकर ने कहा, “पोलैंड को आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता दिखानी चाहिए और हमारे पड़ोस में आतंकवादी ढांचे को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।”
उन्होंने सीमा-पार आतंकवाद की लंबे समय से चली आ रही चुनौती की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर पोलैंड की हालिया क्षेत्रीय यात्राओं पर चर्चा जरूरी है। जयशंकर ने यह भी कहा कि उन्होंने न्यूयॉर्क और पेरिस में हुई पिछली बैठकों में यूक्रेन संघर्ष और उसके प्रभावों पर भारत का रुख साफ तौर पर रखा था। “भारत को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया जाना न केवल अनुचित है, बल्कि पूरी तरह अन्यायपूर्ण भी है,” उन्होंने दोहराया।
पोलैंड के विदेश मंत्री सिकोरस्की ने आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख पर सहमति जताते हुए कहा कि पोलैंड भी आगजनी और कथित राज्य प्रायोजित आतंकवाद जैसी घटनाओं का शिकार रहा है। उन्होंने टैरिफ के मुद्दे पर भी भारत की बात से सहमति जताई और कहा कि यूरोप भी ऐसे अनुभवों से गुजर चुका है। इसके जवाब में जयशंकर ने स्पष्ट किया कि “चयनात्मक निशाना” केवल टैरिफ तक सीमित नहीं है, इसके और भी रूप हैं।
बैठक में दोनों पक्षों ने 2024-28 के लिए द्विपक्षीय कार्ययोजना की समीक्षा की और व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और डिजिटल नवाचार में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। पोलैंड मध्य यूरोप में भारत का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 7 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।
जयशंकर ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि, बड़े बाजार और निवेश समर्थक नीतियां पोलिश कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं। पोलैंड ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का भी समर्थन किया है, जिस पर इस महीने के अंत में होने वाले भारत–ईयू शिखर सम्मेलन में प्रगति की उम्मीद है।
बैठक के बाद सिकोरस्की ने मीडिया से कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देश एकमत हैं। उन्होंने कहा, “हम दोनों देश अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के उल्लंघन की निंदा करते हैं चाहे वह टैंकों से हो या आतंकवादियों से।”
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