भीलवाड़ा जिले में तीसरी मंजिल पर सो रहा प्रधानाध्यापक का परिवार मलबे के बीच से जिंदा निकला, जिसे देख हर कोई दंग है। गैस लीकेज से हुए धमाके ने दीवारें तो ढहा दीं, लेकिन 5 जिंदगियों का बाल भी बांका नहीं कर पाया। फॉरेंसिक टीम की जांच और 25 फीट दूर गिरे दरवाजे के टुकड़े अब गहरे राज खोल रहे हैं।भीलवाड़ा: भीलवाड़ा के आर्य विद्या मंदिर परिसर में शनिवार तड़के एक ऐसा खौफनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। स्कूल की तीसरी मंजिल पर बने एक कमरे में गैस लीकेज के कारण इतना जबरदस्त ब्लास्ट हुआ कि कमरे की दीवार ताश के पत्तों की तरह ढह गई और लोहे का दरवाजा रॉकेट की तरह 25 फीट दूर जाकर गिरा।नींद में था परिवार, यमराज ने दी दस्तक!
हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ, जब स्कूल के प्रधानाध्यापक बालमुकुंद अपनी पत्नी और तीन मासूम बेटियों के साथ उसी कमरे में गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक एक तेज गूंज हुई और कमरा मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि दरवाजे के टुकड़े सड़क पार कर दूसरे घर के छज्जे पर जा गिरे। पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और लोग घरों से बाहर निकल आए।बाल-बाल बचे मासूम और परिजन
कुदरत का करिश्मा ही कहिए कि इस भीषण धमाके के बावजूद प्रधानाध्यापक का पूरा परिवार मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकल आया। बालमुकुंद, उनकी पत्नी और तीनों बच्चियों को केवल मामूली चोटें आईं। सहायक उप निरीक्षक जयसिंह मीणा ने बताया कि गैस लीकेज से कमरा गैस चैंबर बन चुका था और एक छोटी सी चिंगारी ने बम जैसा असर दिखाया। घर का सारा सामान, टीवी, फ्रिज और अलमारियां खिलौनों की तरह बिखर गए।
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