ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा खुलासा! पाकिस्तान की किसी भी हरकत पर जमीनी कार्रवाई के लिए भारत तैयार था-सेना प्रमुख

सेना प्रमुख

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अगर पाकिस्तान की ओर से किसी भी तरह की दुस्साहसिक कार्रवाई की जाती, तो भारतीय सशस्त्र बल पूरी तरह जमीनी सैन्य अभियान शुरू करने के लिए तैयार थे। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ पारंपरिक सैन्य कार्रवाई (कन्वेंशनल स्पेस) की क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा, “उन 88 घंटों के दौरान आपने देखा कि सेना की मोबिलाइजेशन ऐसी थी कि अगर पाकिस्तान कोई भी गलती करता, तो हम जमीनी कार्रवाई शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार थे।”

सेना प्रमुख ने बताया कि पहले यह माना जाता था कि पारंपरिक सैन्य कार्रवाई की गुंजाइश सीमित होती जा रही है और टकराव तेजी से परमाणु स्तर तक पहुंच सकता है। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की कार्रवाई ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया।

उन्होंने कहा, “इस बार जम्मू-कश्मीर में जिस तरह की फायरिंग हुई और हमने जिस तरह उसका जवाब दिया, उससे साफ हो गया कि हमने पारंपरिक सैन्य दायरे को और विस्तार दिया है।”

उन्होंने यह भी बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान करीब 100 पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए।

भारत ने 7 मई को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसमें 25 पर्यटक और एक पोनी संचालक की मौत हो गई थी। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में गहराई तक जाकर आतंकी ठिकानों पर हमला किया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।

पाकिस्तान की ओर से सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले की कोशिश के बाद भारत ने जोरदार जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद 10 मई को इस्लामाबाद को युद्धविराम के लिए नई दिल्ली से संपर्क करना पड़ा।

जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर स्पष्ट राजनीतिक निर्देशों के तहत तीनों सेनाओं (थल, जल और वायु) के बेहतरीन तालमेल का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने बताया कि सशस्त्र बलों को पूरी ऑपरेशनल स्वतंत्रता दी गई थी।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत सैन्य प्रतिक्रिया अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और पाकिस्तान की किसी भी भविष्य की हरकत का करारा जवाब दिया जाएगा।

सेना प्रमुख ने बताया कि 10 मई के बाद से जम्मू-कश्मीर के पश्चिमी मोर्चे पर स्थिति संवेदनशील जरूर है, लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में है, और सुरक्षा बल लगातार कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं।

उन्होंने कहा, “2025 में अब तक 31 आतंकवादी मारे गए हैं, जिनमें करीब 65 प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के थे। पहलगाम हमले के तीनों आरोपी ऑपरेशन महादेव के दौरान ढेर किए गए। स्थानीय आतंकियों की संख्या अब सिंगल डिजिट में है और नई भर्ती लगभग खत्म हो चुकी है।”

जनरल द्विवेदी ने यह भी बताया कि सीमा पार अब भी करीब आठ आतंकी शिविर सक्रिय हैं— जिनमें से दो अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास और छह नियंत्रण रेखा (LoC) के पार हैं।

उन्होंने कहा, “अगर इन शिविरों में किसी भी तरह की गतिविधि दोबारा दिखती है, तो हम आवश्यक कार्रवाई करेंगे।”

उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले के बाद निर्णायक जवाब देने का फैसला सबसे उच्च स्तर पर लिया गया और पूरे ऑपरेशन को सटीक योजना और रणनीति के साथ अंजाम दिया गया।

“7 मई को 22 मिनट की शुरुआती कार्रवाई और 10 मई तक चले 88 घंटों के ऑपरेशन ने रणनीतिक सोच को बदल दिया — हमने गहराई में वार कर आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया और परमाणु धमकियों की धारणा को तोड़ा।”

वैश्विक सुरक्षा हालात पर बोलते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि बीते एक साल में दुनिया भर में सशस्त्र संघर्षों में तेज़ी से वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा, “जो देश तैयार रहते हैं, वही टिकते हैं। इस संदर्भ में ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की तैयारियों, सटीकता और रणनीतिक स्पष्टता को साबित किया।”

उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, खुफिया एजेंसियों, राज्य सरकारों, नागरिक संस्थाओं और गृह मंत्रालय व रेलवे जैसे मंत्रालयों की भूमिका की भी सराहना की।

अंत में, जनरल द्विवेदी ने कहा कि ‘जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और नवाचार (JAI)’ पर केंद्रित पहलों के तहत 2025 में भारतीय सेना की प्रगति संतोषजनक रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुधार आह्वान के अनुरूप सेना ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

Category