दोषी यौन अपराधी Jeffrey Epstein से जुड़े एक गुप्त लॉकर से चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाम बीच, फ्लोरिडा में स्थित एक स्टोरेज यूनिट में तीन कंप्यूटर, 29 एड्रेस बुक, स्थानीय मसाज थेरेपिस्ट की सूची, कथित “सेक्स स्लेव” ट्रेनिंग मैनुअल, अश्लील पत्रिकाएं और किशोरियों के यौन शोषण से संबंधित वीडियो टेप व डीवीडी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
बताया गया है कि ये सामग्री 2005 में उनके पाम बीच स्थित आवास पर पुलिस छापे से पहले वहां से हटा दी गई थी। छापे के दौरान घर से कई अहम सबूत गायब पाए गए थे। पूर्व पुलिस प्रमुख माइकल राइटर ने कथित तौर पर कहा था कि “घर को पूरी तरह साफ कर दिया गया था।”
- गुप्त स्टोरेज और जांच से बचने की योजना
ब्रिटिश अखबार The Telegraph की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, एपस्टीन ने 2003 से ही पाम बीच काउंटी में कई स्टोरेज लॉकर किराए पर लेने शुरू कर दिए थे। आरोप है कि निजी जासूसों की मदद से संवेदनशील सामग्री को कम से कम छह अलग-अलग गुप्त लॉकरों में शिफ्ट किया गया, ताकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नजर से बचा जा सके।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन लॉकरों में नग्न तस्वीरें, 8 मिमी वीडियो टेप, कथित पीड़ितों से जुड़े दस्तावेज और निगरानी उपकरण भी मौजूद थे। इससे यह संदेह और मजबूत हुआ है कि एपस्टीन कथित तौर पर ब्लैकमेल नेटवर्क चला रहा था। कई पीड़ितों ने पहले भी आरोप लगाया था कि उसके ठिकानों पर छिपे कैमरे लगाए गए थे।
- डिजिटल सबूत मिटाने के प्रयास
2019 में Federal Bureau of Investigation (FBI) ने कुछ हार्ड ड्राइव की प्रतियां बरामद कीं, लेकिन फॉरेंसिक रिकॉर्ड्स से संकेत मिला कि काफी डिजिटल डेटा मिटाने की कोशिश की गई थी। ईमेल्स में कथित तौर पर कंप्यूटर “वाइप” करने और वीडियो टेप “श्रेड” करने के निर्देश दिए गए थे।
- जांच पर उठे सवाल
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कुछ स्टोरेज यूनिट्स पर कभी छापा नहीं मारा गया। इससे जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या अहम सबूत वर्षों तक अनछुए रह गए।
इन खुलासों ने एपस्टीन मामले में जांच एजेंसियों की भूमिका और संभावित चूक पर गंभीर बहस छेड़ दी है। आलोचकों का कहना है कि अगर इन सुरागों पर समय रहते कार्रवाई होती, तो कई सच पहले सामने आ सकते थे।
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