तमिलनाडु विधानसभा ने शुक्रवार को एक अहम सत्र में निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण और जल संसाधन प्रबंधन सुधार समेत नौ महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी। सभी विधायी कार्य पूरे होने के बाद सदन को साइन डाई कर दिया गया।
सबसे बड़ा फैसला निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर रोक से जुड़ा है। विधानसभा ने तमिलनाडु स्कूल (फीस संग्रह विनियमन) अधिनियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दी, जिससे राज्य सरकार को निजी स्कूलों की फीस पर कानूनी सीमा तय करने का अधिकार मिल गया है। इससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
संशोधित कानून के तहत एक 7 सदस्यीय फीस निर्धारण समिति बनेगी, जिसकी अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज करेंगे। समिति में अब माता-पिता का प्रतिनिधि भी शामिल होगा। फीस पर आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी गई है और तय की गई फीस संरचना तीन शैक्षणिक वर्षों तक मान्य रहेगी। हालांकि, CBSE और ICSE स्कूलों की फीस से जुड़े मामले फिलहाल अदालत में लंबित हैं।
इसके अलावा विधानसभा ने तमिलनाडु जल संसाधन (विनियमन, प्रबंधन और संवर्धन) विधेयक, 2026 भी पास किया। इसके तहत तमिलनाडु जल संसाधन प्रबंधन प्राधिकरण और जिला स्तरीय समितियों का गठन होगा, जो भूजल, सतही जल, अपशिष्ट जल और नदी बेसिन प्रबंधन की निगरानी करेंगी।
सदन ने तमिलनाडु सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक, 2024 को भी दोबारा पारित किया, जिसे पहले राज्यपाल ने लौटाया था। इसके अलावा पंचायतों और तमिल माध्यम में पढ़े छात्रों को प्राथमिकता से जुड़े संशोधन विधेयक भी मंजूर किए गए।
सभी विधेयकों के पारित होने के साथ ही विधानसभा सत्र का समापन कर दिया गया।
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