भारत का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे, जिसकी लंबाई 594 किलोमीटर है, अगले महीने संचालन के लिए तैयार होने वाला है। FASTag के माध्यम से हाल ही में सफल ट्रायल के बाद यह परियोजना अपनी अंतिम चरण में पहुँच चुकी है।
यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक फैला हुआ है और उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ता है। गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने से यातायात में तेज़ी, यात्रा का समय कम और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि की उम्मीद है।
प्रदेश सरकार के अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य कनेक्टिविटी सुधारना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और व्यापारिक परिवहन को सुविधाजनक बनाना है। एक्सप्रेसवे पर आधुनिक सुविधाओं जैसे टोल प्लाज़ा, सर्विस लेन, और हर 50 किलोमीटर पर रेस्ट एरिया भी तैयार किए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे न केवल यातायात सुगमता बढ़ाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा, “गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश की जनता के लिए ऐतिहासिक परियोजना है। यह यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।”
FASTag ट्रायल के सफल संचालन के बाद अब आम नागरिक इस सुरक्षित और आधुनिक एक्सप्रेसवे का लाभ अगले महीने से उठा सकेंगे।
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