अजमेर अदालत में दरगाह के नीचे शिव मंदिर होने के दावे पर याचिका स्वीकार

अजमेर अदालत में दरगाह के नीचे शिव मंदिर होने के दावे पर याचिका स्वीकार

अजमेर की एक अदालत ने महाराणा प्रताप सेना द्वारा दायर की गई एक नई याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें दावा किया गया है कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह के नीचे एक शिव मंदिर मौजूद है। याचिका के स्वीकार होने के बाद यह मामला एक बार फिर कानूनी और सार्वजनिक चर्चा में आ गया है।

अदालत ने इस प्रकरण में सरकारी विभागों, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और दरगाह समिति को नोटिस जारी कर उनके जवाब मांगे हैं। याचिकाकर्ता की ओर से स्थल की जांच और सर्वेक्षण कराए जाने की मांग की गई है, ताकि दावे की सत्यता की पड़ताल हो सके।

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है और इसका धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व अत्यंत व्यापक है। ऐसे में इस स्थल से जुड़ा कोई भी कानूनी विवाद संवेदनशील माना जा रहा है।

मामले की अगली सुनवाई 21 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है। अदालत के अगले कदम सभी पक्षों द्वारा दाखिल किए जाने वाले जवाबों और प्रस्तुत तथ्यों पर निर्भर करेंगे।

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