असम में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शुक्रवार, 20 फरवरी को कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार के खिलाफ जारी ‘चार्जशीट-2026’ के बाद विपक्ष पर तीखा हमला किया।
गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी प्रवक्ता जयंत कुमार गोस्वामी ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को व्यक्तिगत रूप से असम के चाय बगान इलाकों का दौरा करने और जमीन पर स्थिति का आंकलन करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि उन्हें चाय बगान लाइनों में घूमना, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र और अस्पताल का निरीक्षण करना और स्थानीय लोगों से बातचीत करनी चाहिए, ताकि वर्तमान प्रशासन के तहत दिखाई दे रहे विकास को समझा जा सके।
गोस्वामी ने कांग्रेस के दस्तावेज़ को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए आरोपों को निराधार करार दिया और कहा कि यह असम की वास्तविकताओं से पार्टी के असंबंध को दर्शाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के तहत किए गए निष्कासन अभियानों का गलत प्रस्तुतीकरण करने का आरोप कांग्रेस पर लगाया और स्पष्ट किया कि ये अभियान अवैध अतिक्रमण, वनों की भूमि, VGR/PGR भूमि, जनजातीय क्षेत्र और अन्य सरकारी संपत्ति को मुक्त कराने के लिए थे।
बीजेपी नेता ने यह भी कहा कि स्वदेशी समुदायों को कॉरपोरेट हितों के लिए विस्थापित किया जा रहा है, यह आरोप “झूठा और भ्रामक” है। उन्होंने कांग्रेस पर चाय मजदूरों की दशकों लंबी उपेक्षा का आरोप भी लगाया, यह कहते हुए कि जबकि पूर्व सरकारों ने उन्हें भूमि अधिकार नहीं दिए, वर्तमान सरकार ने उन्हें भूमि पट्टे प्रदान कर स्वामित्व सुरक्षा सुनिश्चित की है।
यह बयान असम में राजनीतिक क़िस्मत के लिहाज से 2026 विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच विरोधी दलों के बीच नए राजनीतिक शब्दावली के आदान-प्रदान को दर्शाता है।
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