भारतीय रेलवे से यात्रा आमतौर पर सुविधाजनक होती है, लेकिन कई बार ट्रेन में लंबी देरी, कनेक्शन छूट जाना या टिकट बुकिंग के दौरान तकनीकी दिक्कतों जैसी अनपेक्षित स्थितियां आपकी यात्रा को प्रभावित कर सकती हैं और आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। हालांकि, ऐसे मामलों में यात्री IRCTC द्वारा दी गई टिकट डिपॉजिट रसीद (TDR) सुविधा के जरिए रिफंड का दावा कर सकते हैं। यह सुविधा यात्रियों को कुछ विशेष परिस्थितियों में टिकट की राशि वापस पाने का मौका देती है, ताकि अचानक आई समस्याओं के कारण उन्हें नुकसान न उठाना पड़े।
इस लेख में बताया गया है कि TDR प्रक्रिया कैसे काम करती है और रिफंड पाने के लिए किन स्टेप्स का पालन करना होता है।
आम तौर पर यह गलतफहमी रहती है कि अगर ट्रेन छूट जाए या रिजर्वेशन चार्ट तैयार हो चुका हो, तो रिफंड नहीं मिलता। लेकिन ऐसा नहीं है। TDR (टिकट डिपॉजिट रसीद) प्रणाली खास तौर पर ऐसी ही परिस्थितियों के लिए बनाई गई है। इसके जरिए रेलवे से जुड़ी समस्याओं या तकनीकी कारणों से यात्रा न कर पाने की स्थिति में रिफंड लिया जा सकता है।
TDR एक आधिकारिक दस्तावेज होता है, जो भारतीय रेलवे या ट्रैवल सेवा प्रदाताओं द्वारा तब जारी किया जाता है, जब टिकट कुछ तय कारणों से रद्द या उपयोग में नहीं आ पाता-जैसे ट्रेन का रद्द होना या 3 घंटे से अधिक देरी होना। इसके माध्यम से रिजर्व्ड, RAC या वेटिंग टिकट का भी रिफंड मांगा जा सकता है। चार्ट बनने के बाद ई-टिकट के लिए IRCTC के जरिए ऑनलाइन TDR फाइल किया जा सकता है, जबकि ऑफलाइन TDR स्टेशन मास्टर से प्राप्त किया जा सकता है।
रेलवे से रिफंड पाने के लिए आपको किसी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल है और आप अपने मोबाइल से ही यह काम कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए आसान स्टेप्स अपनाएं:
- स्टेप 1: IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- स्टेप 2: ‘My Transactions’ मेन्यू में जाकर ‘File TDR’ विकल्प चुनें।
- स्टेप 3: आपके सामने उन यात्राओं की सूची आ जाएगी, जिनके लिए रिफंड का दावा किया जा सकता है।
- स्टेप 4: संबंधित PNR नंबर चुनें और रिफंड के लिए सही कारण दर्ज करें, जैसे “ट्रेन 3 घंटे से अधिक लेट,” आदि।
- स्टेप 5: सभी जानकारी भरने के बाद अनुरोध सबमिट कर दें।
इसके बाद आप ‘TDR History’ सेक्शन में जाकर अपने रिफंड की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
ध्यान रखें कि TDR फाइल करने की एक समय-सीमा होती है। उदाहरण के तौर पर, ट्रेन में देरी के मामले में आवेदन ट्रेन के प्रस्थान से पहले या तय समय सीमा के भीतर करना जरूरी होता है। अगर निर्धारित समय के बाद आवेदन किया जाता है, तो रिफंड मिलना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, TDR फाइल करते समय सही कारण चुनना बेहद जरूरी है। इसके बाद रेलवे अधिकारी मामले की जांच करते हैं और सभी शर्तें सही पाए जाने पर ही रिफंड प्रक्रिया शुरू की जाती है।
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