मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने के मिशन पर तेज़ी से काम कर रही है. सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 64 बाल विवाह मामलों को समय रहते रोका, जिससे कई नाबालिग बच्चों की ज़िंदगी और भविष्य सुरक्षित हो सका.
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मान सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, अधिकार और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. उन्होंने बताया कि बाल विवाह मामलों में समय पर की गई त्वरित कार्रवाई यह साबित करती है कि सरकार बच्चों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं करती.
डॉ. कौर ने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की घटना होने की जानकारी मिले, तो इसे तुरंत रिपोर्ट करें. उन्होंने बताया कि लोग चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कॉल कर सकते हैं या अपने नज़दीकी बाल विवाह रोकथाम अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं.
मंत्री ने आगे कहा कि यह अभियान केवल बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए भी लगातार बड़े फैसले ले रही है. राज्य में महिला हेल्पलाइन और वन-स्टॉप सेंटर को और अधिक मजबूत किया गया है, वहीं आंगनवाड़ी और आशा वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी कर उनके योगदान को सम्मान दिया गया है.
सरकार महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए भी विभिन्न योजनाओं पर तेज़ी से काम कर रही है, ताकि वे स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बन सकें.
डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है. बाल विवाह उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार संवेदनशीलता और दृढ़ता से काम कर रही है.”
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