जेफ्री एप्सटीन से जुड़ी फाइलों में शामिल FBI दस्तावेज़ों में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनके दामाद जारेड कुशनर, इज़राइल और वैश्विक यहूदी आंदोलन चाबाद-लुबाविच को लेकर कुछ अपुष्ट दावे किए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अधिकारियों द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा 30 जनवरी को जारी 2020 का यह मेमो पूरी तरह एक गोपनीय मानव स्रोत (CHS) से मिली जानकारी पर आधारित है और यह FBI के किसी सत्यापित निष्कर्ष या आधिकारिक राय को नहीं दर्शाता।
यह रिलीज़ एप्सटीन से जुड़ी 30 लाख से अधिक फाइलों के अवर्गीकरण का हिस्सा है। मेमो में चौंकाने वाले आरोप जरूर हैं, लेकिन FBI ने साफ किया है कि इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है और किसी भी तरह की गलत गतिविधि स्थापित नहीं की गई है।
गोपनीय स्रोत के अनुसार, ट्रंप अपने पहले कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर ‘इज़राइल के प्रभाव में’ थे, जबकि जारेड कुशनर को ‘उनके संगठन और राष्ट्रपति पद के पीछे का असली दिमाग’ बताया गया। मेमो में यह भी दावा किया गया कि चाबाद-लुबाविच, जो एक प्रमुख ऑर्थोडॉक्स यहूदी आंदोलन है, ट्रंप की राष्ट्रपति अवधि को प्रभावित करना चाहता था और कथित तौर पर रूसी हितों के लिए एक उपकरण की तरह काम करता था।
स्रोत ने यह भी कहा कि 2016 में ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने के दिन जारेड कुशनर और इवांका ट्रंप ने चाबाद नेता रब्बी मेनाखेम मेंडेल श्नेयरसन की समाधि का दौरा किया था, जिसे कुशनर के आंदोलन से संबंध के रूप में दर्शाया गया। मेमो में यह भी उल्लेख है कि चाबाद दुनिया भर में हजारों धार्मिक और शैक्षणिक केंद्र संचालित करता है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने संगठन पर राजनीतिक हस्तक्षेप का कोई आरोप नहीं लगाया है।
मेमो में एप्सटीन को अमेरिकी और विदेशी खुफिया एजेंसियों से भी जोड़ा गया है और दावा किया गया है कि वह एक ‘मोसाद का सह-प्रभावित एजेंट’ था, जिसके संबंध पूर्व इज़राइली प्रधानमंत्री एहुद बराक से थे। हालांकि, बराक ने किसी भी तरह की गलत गतिविधि से इनकार किया है। इसमें एप्सटीन के पूर्व वकील एलन डर्शोविट्ज़ और पूर्व अमेरिकी अटॉर्नी एलेक्स अकोस्टा से जुड़े दावों का भी उल्लेख है, जिसमें कहा गया कि एप्सटीन ‘खुफिया एजेंसियों से जुड़ा था’ इस दावे को डर्शोविट्ज़ बार-बार नकार चुके हैं।
मेमो में बेवर्ली हिल्स में ट्रंप की एक रियल एस्टेट डील का भी जिक्र है, जिसे असामान्य बताया गया और संभावित धन शोधन को लेकर सवाल उठाए गए। बताया गया कि संपत्ति बाजार मूल्य से कम पर खरीदी गई और बाद में नुकसान में बेची गई, हालांकि FBI ने इन दावों की पुष्टि नहीं की।
FBI ने दोहराया कि यह मेमो केवल गोपनीय स्रोत के बयानों और व्याख्याओं को दर्शाता है। ट्रंप, कुशनर, चाबाद-लुबाविच, इज़राइल या रूस के खिलाफ किसी भी तरह के दुराचार के प्रमाण, निष्कर्ष या पुष्टि नहीं की गई है।
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