Union Ministry of Culture ने असम में ‘बिहुना’ शब्द की गलत वर्तनी को लेकर उठे विवाद के बाद माफी मांगी है और कहा है कि सांस्कृतिक सम्मान बनाए रखने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
संस्कृति मंत्रालय की एक क्विज पोस्ट ने असम में विवाद खड़ा कर दिया, जब उसने राज्य की दो प्रतिष्ठित परंपराओं हुसोरी और बिहू को अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर “हुसारी” और “बिहुना” लिख दिया।
पोस्ट में एक चाय उत्पादक राज्य का संकेत देते हुए पूछा गया था, “हुसारी और बिहुना किस राज्य के पारंपरिक लोक नृत्य रूप हैं?” इस पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। लोगों ने इस गलती को अपमानजनक और भ्रामक बताते हुए मंत्रालय से तुरंत सुधार की मांग की। कई लोगों ने कहा कि “बिहुना” असमिया संस्कृति में कोई मान्य शब्द नहीं है।
प्रसिद्ध फिल्म निर्माता Utpal Borpujari ने भी इस चूक की आलोचना करते हुए कहा कि सरकारी सोशल मीडिया हैंडल संभालने वालों को पोस्ट करने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए, क्योंकि ऐसी गलतियां अनावश्यक विवाद और गलत जानकारी फैलाती हैं।
हुसोरी, बोहाग बिहू के दौरान प्रस्तुत की जाने वाली एक पारंपरिक प्रस्तुति है, जिसमें कलाकारों के दल घर-घर जाकर गीत गाते हैं और परिवारों को आशीर्वाद देते हैं। वहीं बिहू जिसे रोंगाली, कोंगाली और भोगाली के रूप में मनाया जाता है Assam की सांस्कृतिक पहचान का केंद्र है।
विवाद बढ़ने के बाद मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा:
“हम अपनी पूर्व पोस्ट में हुई त्रुटि के लिए ईमानदारी से क्षमा चाहते हैं, जिसमें ‘बिहुनास’ की जगह गलती से ‘बिहुना’ लिखा गया था। हमें इस गलती पर गहरा खेद है। हम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का सर्वोच्च सम्मान करते हैं। पोस्ट हटा दी गई है, और भविष्य में ऐसी गलतियां न हों इसके लिए अधिक सावधानी बरती जा रही है।”
इस घटना ने क्षेत्रीय परंपराओं के सही प्रतिनिधित्व और सांस्कृतिक संवेदनशीलता पर फिर से चर्चा को जन्म दिया।
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