असम में एक या दो चरणों में विधानसभा चुनाव कराने की मांग, दलों ने बिहू के समय टकराव से बचाने पर दिया जोर

असम में एक या दो चरणों में विधानसभा चुनाव कराने की मांग, दलों ने बिहू के समय टकराव से बचाने पर दिया जोर

असम के मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों ने भारत निर्वाचन आयोग (ईसी) से आगामी विधानसभा चुनाव एक चरण में या अधिकतम दो चरणों में कराने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने 17 फरवरी को यह जानकारी दी।

यह मांग आयोग की पूर्ण पीठ के समक्ष अलग-अलग बैठकों के दौरान रखी गई, जो राज्य में चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थीं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ तीन दिवसीय दौरे पर असम आए हुए हैं। आयोग ने दौरे के दूसरे दिन शहर के एक होटल में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जिसमें असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल भी मौजूद थे।

राष्ट्रीय दलों में आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बैठक में भाग लिया। वहीं राज्य स्तरीय दलों में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, असम गण परिषद, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल ने भी आयोग के साथ चर्चा की।

अधिकांश दलों ने मांग की कि चुनाव “एक चरण या अधिकतम दो चरणों” में कराए जाएं। साथ ही उन्होंने आयोग से अनुरोध किया कि चुनाव की तारीखें तय करते समय बिहू पर्व को ध्यान में रखा जाए, ताकि त्योहार के दौरान कोई टकराव न हो।

आधिकारिक बयान के अनुसार, राजनीतिक दलों ने सामान्य रूप से असम में “विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण” की प्रक्रिया की सराहना भी की। उन्होंने राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कई सुझाव भी दिए।

दौरे के दौरान आयोग मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात कर प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियों का आकलन करेगा।

126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए मार्च–अप्रैल में चुनाव होने की संभावना है, जबकि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को समाप्त होगा। आयोग अपने दौरे के अंतिम दिन 18 फरवरी को मीडिया को संबोधित करेगा।

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