अदाणी समूह और ब्राज़ील की प्रमुख विमानन कंपनी एम्ब्राएर (Embraer) ने भारत में क्षेत्रीय विमान निर्माण सुविधा स्थापित करने के उद्देश्य से एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। यह सहयोग देश की स्वदेशी विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, इस रणनीतिक सहयोग के लिए अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और एम्ब्राएर के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर मंगलवार को नई दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक कार्यक्रम के दौरान हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी भारत में क्षेत्रीय परिवहन विमानों के निर्माण पर केंद्रित होगी।

भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाजारों में शामिल है। इस साझेदारी का उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 शहरों तक हवाई संपर्क को बेहतर बनाना है। इसके तहत दोनों कंपनियां भारत में एम्ब्राएर के क्षेत्रीय विमानों के लिए फाइनल असेंबली लाइन (FAL) भी स्थापित करेंगी।
गौरतलब है कि एम्ब्राएर 150 सीटों तक के वाणिज्यिक जेट विमान बनाती है। इस साझेदारी के साथ, भारतीय विमानन क्षेत्र में पहले से मजबूत उपस्थिति रखने वाला अदाणी समूह अब भारत में विमान निर्माण के क्षेत्र में रणनीतिक प्रवेश करेगा।
PTI के अनुसार, नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि यह साझेदारी केवल क्षेत्रीय विमान को असेंबल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रगतिशील तकनीक हस्तांतरण, कौशल विकास, मजबूत सप्लाई चेन और भारत को क्षेत्रीय विमानों के लिए एक विश्वसनीय विनिर्माण केंद्र बनाने पर भी जोर दिया गया है।

जीत अदाणी, निदेशक, अदाणी एयरपोर्ट्स और अदाणी डिजिटल लैब्स, ने बताया कि निर्माण सुविधा के लिए कुछ स्थानों पर विचार किया जा रहा है और अगले कुछ महीनों में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। फिलहाल निवेश राशि और स्थान से जुड़ी जानकारी साझा नहीं की गई है।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा, “यह भारत में होने का सही समय है,” और देश में उपलब्ध विकास व विनिर्माण अवसरों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय परिवहन विमानों की मांग पहले कभी इतनी मजबूत नहीं रही और यह कई समस्याओं के समाधान में मददगार होगी। साथ ही, इन विमानों का निर्माण दक्षिण एशियाई बाजार के लिए भी किया जा सकता है।
PTI के मुताबिक, अदाणी समूह के साथ साझेदारी से एम्ब्राएर की भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में मौजूदगी और मजबूत होगी, क्योंकि कंपनी अपने क्षेत्रीय जेट पोर्टफोलियो के जरिए लागत-कुशल समाधान पेश करना चाहती है।

अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के प्रेसिडेंट और सीईओ आशीष राजवंशी ने इस सहयोग को देश की आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भर भारत) की दिशा में एक “मील का पत्थर” बताया।
फिलहाल, एम्ब्राएर के ई-जेट्स 2005 से भारत में उड़ान भर रहे हैं। कंपनी के करीब 50 विमान भारत में भारतीय वायुसेना, सरकारी सेवाओं, बिजनेस जेट ऑपरेटर्स और वाणिज्यिक एयरलाइन स्टार एयर के लिए संचालित हो रहे हैं।
PTI रिपोर्ट के अनुसार, एम्ब्राएर ने 21 जनवरी को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि अगले 20 वर्षों में भारतीय विमानन बाजार को 80 से 146 सीटों वाले कम से कम 500 विमानों की आवश्यकता होगी।
- Log in to post comments