दिल्ली और एनसीआर की हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में पहुंच गई है, जिसके चलते CAQM ने GRAP Stage IV उपाय लागू कर दिए हैं। इस कदम के बाद स्कूलों के हाइब्रिड या बंद होने की संभावना बढ़ गई है, जबकि प्रशासन आगे की आपातकालीन प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर विचार कर रहा है।
शनिवार को मौसम की अनुकूल नकारात्मक परिस्थितियों, घने कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण प्रदूषण स्तर तेजी से बढ़ा। दोपहर तक दिल्ली का AQI 400 था और शाम तक यह 428 तक पहुंच गया। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाज़ियाबाद और गुरुग्राम जैसे पड़ोसी एनसीआर शहरों में भी हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ दर्ज की गई।
GRAP Stage IV सबसे सख्त प्रदूषण नियंत्रण स्तर है, जिसे ‘Severe+’ AQI दर्ज होने पर लागू किया जाता है। इसके तहत निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:
- गैर-जरूरी निर्माण गतिविधियों पर रोक
- डीज़ल वाहनों और औद्योगिक संचालन पर प्रतिबंध
- कार्यालयों में भौतिक उपस्थिति कम करने के निर्देश
- आवश्यक होने पर गैर-जरूरी वाणिज्यिक गतिविधियों को बंद करने पर विचार
स्कूल पहले ही ठंड और कोहरे के कारण बंद थे और 16 जनवरी को खुलने की संभावना थी। GRAP-4 लागू होने के बाद बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कक्षा V तक के छात्रों के लिए ऑनलाइन या हाइब्रिड कक्षाओं की संभावना है। कक्षा VI से XII तक के छात्रों के लिए भी गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाज़ियाबाद और गौतम बुद्ध नगर जैसे प्रभावित जिलों में इसी तरह के विकल्प सुझाए गए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से बाहर गतिविधियों को सीमित करने, मास्क पहनने, और सभी सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। मौसम की स्थिति अभी भी अनुकूल नहीं होने की संभावना है, इसलिए प्रशासन प्रदूषण स्तर के स्थिर रूप से उच्च बने रहने पर आगे के कदम भी उठा सकता है।
नागरिकों से अनुरोध है कि वे सावधान रहें और अधिकारिक अपडेट पर नजर रखें क्योंकि दिल्ली इस सर्दियों में सबसे कठिन प्रदूषण चरण का सामना कर रहा है।
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