केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी को मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स ज़िले में हुए घातक कोयला खदान विस्फोट के बाद स्थिति की समीक्षा की और मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा से बातचीत की। उन्होंने बचाव और राहत कार्य जारी रहने के बीच राज्य को “केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता” का आश्वासन दिया।
अमित शाह ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की एक टीम पहले ही मिंसिंगाट, थांग्स्को (थांग्सकाई) क्षेत्र में घटनास्थल पर पहुंच चुकी है, जबकि दो और टीमें रास्ते में हैं। घटना पर शोक व्यक्त करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “मेघालय में हुए इस दुखद हादसे में लोगों की जान जाने से अत्यंत दुखी हूं। एक NDRF टीम पहुंच चुकी है और दो अन्य टीमें रास्ते में हैं।”
करीब सुबह 11 बजे हुए इस विस्फोट में कथित अवैध कोयला खदान में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया है, जिसे उच्च चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल ज़िला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है और वहां केवल चार पहिया वाहनों से ही पहुंचा जा सकता है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में कठिनाइयां आ रही हैं।
मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने केंद्र सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने X पर एक पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से घोषित अनुग्रह सहायता इस गहरे दुख के समय में शोक संतप्त परिवारों और घायलों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करेगी।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये प्रति व्यक्ति और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा, मेघालय सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए 3 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री संगमा ने स्पष्ट किया कि विस्फोट एक अवैध खदान में हुआ था और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “इस घटना के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ बहुत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हम इसमें शामिल किसी को भी नहीं छोड़ेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि वैज्ञानिक खनन की दिशा में आगे बढ़ रहे राज्य में अवैध खनन को अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने पुष्टि की कि “बचाव अभियान के दौरान विस्फोट स्थल से कुल 18 शव बरामद किए गए हैं।”
मेघालय सरकार ने इस घटना की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री संगमा ने कहा, “जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। मानव जीवन की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।” दूरस्थ क्षेत्र में NDRF, SDRF और विशेष बचाव दलों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
- Log in to post comments