मेघालय हाईकोर्ट ने 5 फरवरी को पूर्वी जयंतिया हिल्स ज़िले में एक कथित अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट के मामले में तत्काल गिरफ्तारियों का आदेश दिया है। इस विस्फोट में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई थी। अदालत का यह आदेश क्षेत्र में प्रतिबंधित खनन गतिविधियों के लगातार जारी रहने को लेकर सख्त न्यायिक रुख को दर्शाता है।
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें न्यायमूर्ति एच. एस. थंगखिएव और न्यायमूर्ति डब्ल्यू. डिएंगदोह शामिल थे, ने थांगस्कु क्षेत्र में हुए विस्फोट से संबंधित मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया। अदालत ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई कि 14 जनवरी को इसी तरह की घातक घटना सामने आने के बावजूद अवैध कोयला खनन जारी रहा।
त्वरित कार्रवाई का निर्देश देते हुए बेंच ने पूर्वी जयंतिया हिल्स के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को कथित अवैध गतिविधियों में शामिल खदान मालिकों और संचालकों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने तथा खनन से जुड़े सभी आपत्तिजनक साक्ष्यों को जब्त करने का आदेश दिया। अदालत ने प्रभावित और घायल लोगों को तत्काल सहायता और चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
जवाबदेही पर जोर देते हुए हाईकोर्ट ने जिला पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त को 9 फरवरी को सुबह 10:30 बजे व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने और यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि अवैध खनन कैसे जारी रहा। अदालत ने चेतावनी दी कि आदेशों का पालन न होने पर आगे कड़े निर्देश जारी किए जाएंगे।
अदालत ने रजिस्ट्री को आदेश की प्रति उसी दिन ईमेल और हार्ड कॉपी के माध्यम से जिला अधिकारियों तक पहुंचाने तथा महाधिवक्ता को भी इसकी प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को निर्धारित की गई है।
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