हरियाणा के जिंद जिले के उचाना में रविवार को एक महिला ने अपने 11वें बच्चे को जन्म दिया—स्वस्थ एक बेटे को। इससे पहले परिवार की पहली 10 संतानाएँ बेटियाँ थीं। परिवार भुना गांव से है और इस ख़ुशी के मौके पर जश्न मनाने की तैयारियाँ की जा रही हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, माँ की हैमोग्लोबिन का स्तर कम था, जिससे सामान्य प्रसव के दौरान जोखिम था, लेकिन माता सुरक्षित रहीं और बच्चे की सेहत अच्छी है। यह घटना हरियाणा में संतान में बेटे की इच्छा (son preference) की परंपरा पर प्रकाश डालती है।
सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर कई लोग इस मामले में सवाल उठा रहे हैं कि 11 गर्भधारण के स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ा है और परिवार नियोजन के उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इसके अलावा, स्थानीय लिंग अनुपात अभी भी 918 लड़कियों प्रति 1,000 लड़कों के हिसाब से असंतुलित है।
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