लखनऊ से नेपाल सीमा की ओर यात्रा करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। बाराबंकी से नेपाल तक प्रस्तावित 153 किलोमीटर लंबी छह-लेन हाईवे परियोजना को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹27,000 करोड़ बताई जा रही है और इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश में यातायात व व्यापार को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह हाईवे बहराइच और गोंडा जैसे महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ते हुए नेपाल सीमा तक बेहतर संपर्क प्रदान करेगा। वर्तमान में इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक और लंबी यात्रा अवधि यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनती है। नई सड़क बनने के बाद यात्रा समय कम होने के साथ सफर अधिक सुरक्षित और आरामदायक होने की संभावना है।
परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर विकसित किया जाएगा। इस व्यवस्था में सरकार और निजी कंपनियां मिलकर लागत वहन करती हैं। निर्माण के दौरान सरकार कुछ भुगतान करती है, जबकि शेष राशि सड़क चालू होने के बाद चरणबद्ध तरीके से दी जाती है। अधिकारियों का मानना है कि इससे निर्माण कार्य तेज़ होगा और रखरखाव बेहतर रहेगा।
हाईवे पर आधुनिक तकनीक का उपयोग भी किया जाएगा, जिसमें सीसीटीवी निगरानी और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शामिल होंगे, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और दुर्घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
इस परियोजना से क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर संपर्क से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, खासकर सीमा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज़ हो सकती हैं। बड़े निवेश वाली यह परियोजना पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन कॉरिडोर साबित हो सकती है।
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