भारत में सोने की कीमतों में तेज गिरावट की आशंका जताई जा रही है। इस साल रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद अब गोल्ड की रैली कमजोर पड़ती दिख रही है। Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोना ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर तक पहुंचा था, लेकिन हाल ही में यह गिरकर करीब ₹1,56,200 हो गया, यानी लगभग ₹24,500 (13.5%) की कमी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुख देखा गया। COMEX पर सोना अपने रिकॉर्ड से करीब 10% नीचे आ चुका है।
गिरावट की सबसे बड़ी वजह भू-राजनीतिक बदलाव मानी जा रही है। Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार 2026 के एक आंतरिक मेमो में संकेत मिला है कि रूस अमेरिका के साथ संभावित आर्थिक साझेदारी के तहत फिर से अमेरिकी डॉलर आधारित व्यापार पर लौटने पर विचार कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो BRICS देशों की डि-डॉलराइजेशन रणनीति को झटका लग सकता है, जिसने पिछले वर्षों में सोने की मांग को काफी बढ़ाया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की कीमतों में उछाल का बड़ा कारण केंद्रीय बैंकों की खरीद थी, खासकर तब जब Donald Trump की वापसी के बाद वैश्विक व्यापार तनाव बढ़े।
इसके अलावा अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने भी बाजार को प्रभावित किया है। इससे Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हुई है, जिससे निवेशक सोने की बजाय लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की ओर जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि रुझान जारी रहा तो 2027 तक भारत में सोने की कीमत ₹90,000 से ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में आ सकती है। हालांकि यह गिरावट धीरे-धीरे और उतार-चढ़ाव के साथ होगी।
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