LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट! पाकिस्तानी ड्रोन घुसपैठ और घुसपैठ की कोशिशें नाकाम

LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट! पाकिस्तानी ड्रोन घुसपैठ और घुसपैठ की कोशिशें नाकाम

जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) पर सुरक्षा बलों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। पाकिस्तान की ओर से हथियारों की तस्करी और आतंकियों की घुसपैठ की संभावित कोशिशों को लेकर मिले खुफिया इनपुट के बाद सेना और बीएसएफ ने निगरानी और गश्त और कड़ी कर दी है।

उत्तर कश्मीर के गुरेज, उरी, करनाह, तंगधार सेक्टरों के साथ-साथ जम्मू क्षेत्र के नौशेरा और राजौरी इलाकों में चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। बीते एक हफ्ते में एलओसी और आईबी के कई हिस्सों में पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए, जिन्हें सुरक्षा बलों ने समय रहते निशाना बनाया।

खास तौर पर राजौरी के नौशेरा सेक्टर में ड्रोन गतिविधि बढ़ी है, जहां गांवों के ऊपर मंडराते संदिग्ध ड्रोन पर जवानों ने मशीनगनों से फायरिंग की। इन ड्रोन घुसपैठ का मकसद हथियार, गोला-बारूद और मादक पदार्थ गिराकर नार्को-टेरर नेटवर्क को मजबूत करना बताया जा रहा है। हालिया तलाशी अभियानों में सांबा से पिस्तौल और ग्रेनेड जैसे हथियार भी बरामद किए गए हैं।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मादक पदार्थों की तस्करी से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कश्मीर और जम्मू क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादी संगठनों को वित्तीय मदद देने में किया जाता है।

उत्तर कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में इस बार बर्फबारी कम होने से पारंपरिक घुसपैठ मार्ग और पहाड़ी दर्रे खुले हुए हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है। खुफिया जानकारी के मुताबिक, एलओसी के पास करीब एक दर्जन लॉन्च पैड्स पर 100 से 150 प्रशिक्षित आतंकी मौके की तलाश में बैठे हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में फिलहाल 131-132 सक्रिय आतंकी हैं, जिनमें से 122 विदेशी (अधिकांश पाकिस्तानी) हैं। यह संख्या स्थानीय भर्ती बेहद कम होने के बावजूद बढ़ी है, 2025 में केवल एक स्थानीय आतंकी की भर्ती हुई है।

सुरक्षा बलों ने संवेदनशील इलाकों में डिजिटल निगरानी, ड्रोन रोधी प्रणालियों और सघन गश्त के जरिए अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक कोई भी घुसपैठ या ड्रोन ड्रॉप सफल नहीं हुआ है, और किसी भी खतरे से निपटने के लिए बल पूरी तरह तैयार हैं।

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