भारत और ब्राज़ील ने रेयर अर्थ और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग बढ़ाने के लिए एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में चीन के प्रभुत्व के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। यह फैसला ब्राज़ील के राष्ट्रपति Luiz Inácio Lula da Silva की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ हुई वार्ता में लिया गया। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को 2030 तक 20 अरब डॉलर से बढ़ाकर 30 अरब डॉलर करने पर भी सहमति जताई।
बैठक के दौरान राष्ट्रपति लूला ने कहा कि पुराना लक्ष्य दोनों देशों की आर्थिक क्षमता को पूरी तरह नहीं दर्शाता, इसलिए अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करना जरूरी है। उन्होंने अपने साथ 11 मंत्रियों और करीब 300 कारोबारी प्रतिनिधियों के आने को भारत-ब्राज़ील आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता बताया। समझौतों में रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स, स्टील सप्लाई चेन के लिए खनन, डिजिटल पार्टनरशिप, तटीय क्षेत्र, MSME, स्वास्थ्य नियमन सहयोग और पारंपरिक चिकित्सा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
दोनों देशों ने तेल-गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, बायोफ्यूल, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल, कृषि, पशुपालन, हेल्थकेयर और अंतरिक्ष सहयोग को भी विस्तार देने की योजना बनाई है, जिसमें ब्राज़ीलियाई उपग्रहों के प्रक्षेपण और संयुक्त विकास परियोजनाएं शामिल हैं। विश्लेषकों के मुताबिक, रेयर अर्थ क्षेत्र में यह साझेदारी चीन, जिसे राष्ट्रपति Xi Jinping नेतृत्व देते हैं, के लिए रणनीतिक झटका मानी जा रही है क्योंकि इससे वैश्विक निर्भरता में विविधता आ सकती है।
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